मार्केट के 4 अलग-अलग हिस्से होते हैं, इन्हें समझ लिया तो आपकी ट्रेडिंग काफी आसान हो जाएगी: 1. सुबह 9:15 से 10:30 (सबसे तेज़ समय). जैसे ही मार्केट खुलता है, इसमें बहुत तेज़ी होती है। प्राइस बहुत जल्दी ऊपर-नीचे होता है। • क्या करें: जो लोग कम समय में छोटा प्रॉफिट लेकर निकलना चाहते हैं, उनके लिए ये बेस्ट है। • टिप: अगर आप नए हो, तो पहले 15-20 मिनट बस देखो कि मार्केट क्या कर रहा है, एकदम से पैसे मत लगाओ। 2. सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 (शांत मार्केट). सुबह की तेज़ी के बाद मार्केट अक्सर शांत हो जाता है। ये एक ही जगह पर घूमने लगता है।
• खतरा: इस टाइम पर ऑप्शन खरीदने वालों का पैसा धीरे-धीरे कम होने लगता है क्योंकि मार्केट कहीं जा ही नहीं रहा होता। जब तक कोई बहुत ज़रूरी कारण न हो, इस बीच ट्रेड न करना ही अच्छा है। 3. दोपहर 1:30 से 3:15 (बड़ा मूव आने का टाइम). इस समय मार्केट फिर से एक्टिव होता है। अक्सर देखा गया है कि असली और साफ़ रास्ता मार्केट इसी टाइम पर दिखाता है। • फायदा: इसमें रिस्क कम रहता है क्योंकि मार्केट एक तरफ चलना शुरू कर देता है। प्रॉफिट बनाने के लिए ये मेरा सबसे पसंदीदा टाइम है। 4. दोपहर 3:15 के बाद (बाहर निकलने का वक्त). ये टाइम नया ट्रेड लेने के लिए बिल्कुल नहीं है। जो ट्रेड आपने पहले से ले रखे हैं, उन्हें बंद करने का टाइम है। मार्केट बंद होने के करीब होता है, इसलिए यहाँ रिस्क बहुत बढ़ जाता है। मेरी सलाह: सारा दिन स्क्रीन देखने से दिमाग थक जाता है और गलत फैसले होते हैं। बस सुबह का 1 घंटा और दोपहर को ध्यान से देखो, उतना काफी है।
ये भी जरूर पढ़ें 👉 Market ka trend kaise pahchane (shyam trader in hindi)
Dicilamer:इस ब्लॉग पर दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों (educational purposes) के लिए है और यह मेरी व्यक्तिगत ट्रेडिंग डायरी और अनुभव पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग में वित्तीय जोखिम होता है। किसी भी ट्रेड को लेने से पहले कृपया अपनी खुद की रिसर्च करें या अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। मेरे द्वारा साझा किए गए किसी भी लेवल या तरीके से होने वाले किसी भी नफे या नुकसान के लिए 'shyam trader' जिम्मेदार नहीं होगा।

0 टिप्पणियाँ