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फेक ब्रेकआउट क्या है?
भाई, ट्रेडिंग में कई बार ऐसा होता है कि चार्ट पर कोई सपोर्ट या रेजिस्टेंस लेवल टूटता हुआ दिखता है। हमें लगता है कि चलो भाई, अब मार्केट तो यहाँ से भागेगा! हम जोश में एंट्री ले लेते हैं, और जैसे ही हम अंदर जाते हैं, मार्केट तुरंत अपनी चाल बदलकर वापस अंदर आ जाता है। इसी को कहते हैं 'फेक ब्रेकआउट' (Fake Breakout)। ये एक तरह का ट्रैप है जिसमें बड़े खिलाड़ी (Big Players) छोटे ट्रेडर्स को फंसाते हैं।
फेक ब्रेकआउट को पहचानने के तरीके:
• कैंडल का क्लोजिंग: याद रखना, किसी लेवल के ऊपर सिर्फ एक कैंडल की 'विक' (Wick) या छोटी सी बॉडी निकल जाने से ब्रेकआउट नहीं होता। अगर कैंडल उस लेवल के बहुत ऊपर या नीचे जाकर क्लोज (Close) नहीं होती, तो समझ जाओ कि ये जाल हो सकता है।
• अगली कैंडल का कन्फर्मेशन: असली ब्रेकआउट के बाद मार्केट उस दिशा में थोड़ा और आगे बढ़ता है। अगर ब्रेकआउट के ठीक बाद वाली कैंडल तुरंत वापस लेवल के अंदर आ जाए, तो वो 100% फेक ब्रेकआउट है। यहाँ गलती से भी एंट्री मत लेना!
• ब्रेकआउट के समय की ताकत: अगर मार्केट बहुत धीमी चाल के साथ लेवल को पार कर रहा है, तो चांस कम है कि वो सही ब्रेकआउट होगा। असली ब्रेकआउट में मार्केट में एक दम से तेज़ी और ताकत दिखनी चाहिए।
एक प्रो-टिप (Pro-Tip): कभी भी ब्रेकआउट होते ही तुरंत बटन मत दबाओ। थोड़ा रुको, कन्फर्मेशन का इंतज़ार करो। अगर मार्केट उस लेवल को टेस्ट (Retest) करने वापस आता है और फिर ऊपर निकलता है, तब एंट्री लेना सबसे सुरक्षित रहता है।
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