Trading में स्टॉप लॉस कैसे कैलकुलेट करें? — रिस्क रिवॉर्ड के साथ परफेक्ट ट्रेडिंग in hindi (देसी भाषा में)

राम राम दोस्तों! पिछली पोस्ट में हमने स्टॉप लॉस के मतलब को समझा था। अब समझते हैं कि गणित (Maths) के हिसाब से स्टॉप लॉस कैसे कैलकुलेट करें ताकि आपका रिस्क हमेशा कंट्रोल में रहे। 



सही स्टॉप लॉस निकालने का तरीका:

• रिस्क-पर-ट्रेड (Risk-Per-Trade) फॉर्मूला: आप एक ट्रेड में अपनी कुल कैपिटल का कितना नुकसान सह सकते हैं? मान लो आपके पास ₹10,000 हैं और आप 2% का रिस्क लेना चाहते हैं, तो ₹200 से ज्यादा का नुकसान नहीं होना चाहिए। 

• क्वांटिटी का गणित: अगर आपने ₹500 का शेयर खरीदा और आपका सपोर्ट ₹490 पर है, तो आपका रिस्क ₹10 प्रति शेयर हुआ। अब ₹200 का रिस्क लेने के लिए आप केवल 20 शेयर खरीदेंगे (₹200 / ₹10 = 20)। 

• वोलेटिलिटी कैलकुलेशन: शेयर की चाल को देखें। अगर वो दिन में ₹5 ऊपर-नीचे होता है, तो ₹2 का स्टॉप लॉस मत लगाओ। कम से कम ₹6 का स्टॉप लॉस रखें वरना वो बार-बार 'हिट' होकर बाहर कर देगा। 

• फिक्स्ड-पॉइंट vs परसेंटेज-स्टॉप-लॉस: इंट्राडे में 'फिक्स्ड-पॉइंट' (जैसे ₹5 नीचे) बेहतर काम करता है, जबकि लॉन्ग-टर्म में 'परसेंटेज-स्टॉप-लॉस' (जैसे 5% नीचे) ज्यादा सुरक्षित होता है। 

याद रखें: कैलकुलेशन कभी अंदाजे से नहीं, बल्कि चार्ट पर दिखने वाले 'सपोर्ट' और अपनी 'कैपिटल क्षमता' को देख कर ही करें।

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Disclaimer:इस ब्लॉग पर दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों (educational purposes) के लिए है और यह मेरी व्यक्तिगत ट्रेडिंग डायरी और अनुभव पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग में वित्तीय जोखिम होता है। किसी भी ट्रेड को लेने से पहले कृपया अपनी खुद की रिसर्च करें या अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। मेरे द्वारा साझा किए गए किसी भी लेवल या तरीके से होने वाले किसी भी नफे या नुकसान के लिए 'shyam trader' जिम्मेदार नहीं होगा

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