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ट्रेडिंग में अगर आपको सही जगह पर एंट्री और एग्जिट करना है, तो 'सपोर्ट' और 'रेजिस्टेंस' समझना सबसे जरूरी है। बहुत से लोग इसमें उलझ जाते हैं, लेकिन आज हम इसे एकदम सरल तरीके से समझेंगे।
• सपोर्ट (Support) क्या है?
इसे आप एक 'फर्श' समझो। जब मार्केट गिरता है और किसी एक खास लेवल पर आकर बार-बार रुक जाता है और वहां से ऊपर भागने लगता है, तो उस लेवल को सपोर्ट कहते हैं। इसका मतलब है कि वहां खरीदारी करने वाले लोग (Buyers) बैठे हैं जो मार्केट को और नीचे नहीं गिरने दे रहे। 👇
• रेजिस्टेंस (Resistance) क्या है?
इसे आप एक 'छत' की तरह समझो। जब मार्केट ऊपर जाता है और किसी एक लेवल पर जाकर बार-बार टकराकर वापस नीचे गिर जाता है, तो उसे रेजिस्टेंस कहते हैं। इसका मतलब है कि वहां बेचने वाले लोग (Sellers) बैठे हैं जो मार्केट को और ऊपर नहीं जाने दे रहे।👇
सपोर्ट और रेजिस्टेंस कैसे ड्रा करें? (Step-by-Step)
1.बड़ा टाइमफ्रेम चुनें: सबसे पहले अपने चार्ट को 1 घंटे या 1 दिन (Daily) के टाइमफ्रेम पर सेट करें। बड़े टाइमफ्रेम पर बनी लाइनें ज्यादा मजबूत होती हैं।
2.स्विंग पॉइंट्स ढूंढें: चार्ट पर वो जगहें देखो जहाँ से मार्केट कम से कम दो-तीन बार मुड़ा हो।
3.लाइन खींचें: उन मुड़ने वाले पॉइंट्स (Highs और Lows) को आपस में जोड़ दो।
4.विक्स (Wicks) का ध्यान रखें: लाइन खींचते समय सिर्फ कैंडल की बॉडी ही नहीं, बल्कि उस कैंडल की 'पूंछ' (Wick) को भी कवर करें। कई बार मार्केट सिर्फ टच करके वापस आता है।👇
एक प्रो टिप: जितनी बार मार्केट एक लेवल को छूकर वापस लौटेगा, वो लेवल उतना ही ज्यादा 'मजबूत' होता जाएगा। लेकिन याद रखना, कोई भी सपोर्ट या रेजिस्टेंस हमेशा के लिए नहीं होता, एक न एक दिन इनका ब्रेकआउट जरूर होता है!
Disclaimer: इस ब्लॉग पर दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों (educational purposes) के लिए है और यह मेरी व्यक्तिगत ट्रेडिंग डायरी और अनुभव पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग में वित्तीय जोखिम होता है। किसी भी ट्रेड को लेने से पहले कृपया अपनी खुद की रिसर्च करें या अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। मेरे द्वारा साझा किए गए किसी भी लेवल या तरीके से होने वाले किसी भी नफे या नुकसान के लिए 'shyam trader' जिम्मेदार नहीं होगा





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